घर में बरकत नहीं हो रही है? Vastu की ये गलतियां चेक करें | VASTU VIGYAN
घर में बरकत नहीं हो रही है? Vastu की ये गलतियां चेक करें | VASTU VIGYAN घर में पैसा आ रहा है लेकिन बच नहीं रहा? North-East, North, centre, entrance, Tijori और clutter से जुड़ी Vastu गलतियां और practical tips जानें।
Pandit Jaiveer Goutam
8/22/20263 min read


घर में बरकत नहीं हो रही है? वास्तु की ये गलतियां हो सकती हैं
कमाई हो रही है। घर में पैसा भी आ रहा है। लेकिन फिर भी ऐसा क्यों लगता है कि बरकत नहीं है?
महीने की शुरुआत अच्छी होती है।
Salary या business से payment आती है।
घर का खर्च चलता है।
कुछ पैसे बचाने का मन भी बनता है।
लेकिन फिर अचानक—
बच्चों का खर्च।
घर की repair।
कोई medical या family expense।
किसी रिश्तेदार की जरूरत।
Loan की EMI।
Business में extra payment।
और देखते ही देखते महीने का पैसा खत्म।
फिर मन में एक सवाल आता है:
“इतना कमाने के बाद भी घर में पैसा टिकता क्यों नहीं?”
अगर आपने कभी यह महसूस किया है, तो आप अकेले नहीं हैं।
बहुत से परिवारों के लिए समस्या सिर्फ कम कमाई नहीं होती। असली परेशानी होती है—
पैसा आता है, लेकिन बचता नहीं।
घर में चीजें आती हैं, लेकिन संतोष नहीं आता।
कमाई बढ़ती है, लेकिन financial stability महसूस नहीं होती।
ऐसी स्थिति में सबसे पहले अपने income, expenses, savings और financial planning को देखना जरूरी है।
लेकिन अगर आप Vastu Shastra को भी अपने घर के environment का एक हिस्सा मानते हैं, तो कुछ ऐसी गलतियां हैं जिन्हें आपको अपने घर में जरूर check करना चाहिए।
खासकर:
North-East
North direction
घर का centre
मुख्य प्रवेश द्वार
Kitchen और water areas
Bedroom
और सबसे महत्वपूर्ण—
घर में जमा unnecessary clutter।
मेरे 10 वर्षों के Vastu consultation experience में मैंने महसूस किया है कि लोग अक्सर घर की सजावट पर बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन उन जगहों पर कम ध्यान देते हैं जहां वर्षों से पुरानी चीजें, टूटे सामान और अनावश्यक storage जमा होता रहता है।
और यहीं से आज की बात शुरू होती है।
सबसे पहले समझिए—“बरकत नहीं हो रही” का मतलब क्या है?
जब कोई परिवार कहता है:
“घर में बरकत नहीं है।”
तो उसका मतलब हमेशा यह नहीं होता कि पैसा बिल्कुल नहीं आ रहा।
कई बार इसका मतलब होता है:
कमाई के बावजूद बचत नहीं हो रही
खर्च लगातार बढ़ रहे हैं
अचानक खर्च सामने आ जाते हैं
घर में तनाव बढ़ रहा है
पैसा आते ही किसी न किसी काम में चला जाता है
भविष्य के लिए financial security महसूस नहीं होती
घर में चीजें जमा होती जा रही हैं लेकिन space और peace कम होता जा रहा है
इसलिए Vastu को समझते समय सिर्फ एक सवाल नहीं पूछना चाहिए:
“पैसा क्यों नहीं आ रहा?”
एक बेहतर सवाल है:
“मेरे घर का environment financial stability और family well-being को कितना support कर रहा है?”
यही सोच आपको किसी भी Vastu advice को ज्यादा practically समझने में मदद करती है।
1. सबसे पहले घर का North-East check करें
अगर आप अभी घर पर हैं, तो इस article को पढ़कर सिर्फ आगे मत बढ़िए।
अपने घर के North-East में जाकर देखिए।
वहां क्या है?
पुराने cartons?
पुरानी files?
टूटा हुआ furniture?
Unused सामान?
Waste material?
भारी cupboard?
पुरानी मशीन?
या ऐसी चीजें जिन्हें आपने सिर्फ इसलिए रखा हुआ है क्योंकि:
“कभी काम आ सकती है।”
Traditional Vastu Shastra में North-East को Ishanya zone कहा जाता है और इसे सामान्यतः relatively light, clean और open रखना preferred माना जाता है।
इसलिए अगर आपके घर का North-East unnecessary clutter और heavy storage से भरा है, तो इसे review करना चाहिए।
इसका मतलब यह नहीं है:
“North-East में सामान है इसलिए घर में बरकत नहीं है।”
ऐसा सीधा निष्कर्ष सही नहीं होगा।
लेकिन अगर आप अपने घर का Vastu देख रहे हैं, तो North-East को ignore करना भी उचित नहीं है।
2. North-East को घर का storage room मत बनाइए
यह गलती बहुत common है।
घर में एक corner खाली मिला और वहां सामान रखना शुरू कर दिया।
पहले एक box।
फिर दूसरा।
फिर पुराने कपड़े।
फिर पुराने documents।
फिर furniture।
और कुछ साल बाद वही corner घर का permanent storage बन जाता है।
अगर North-East में ऐसा हो रहा है, तो पहले देखें:
क्या यह सब सामान वास्तव में जरूरी है?
जो जरूरी है—
Organize करें।
जो important documents हैं—
Properly archive करें।
जो बेकार है—
उचित तरीके से dispose करें।
जो टूटा हुआ है और लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ—
उस पर दोबारा विचार करें।
Vastu का पहला कदम हमेशा कोई महंगा remedy खरीदना नहीं होना चाहिए।
कई बार पहला remedy होता है:
“जो जरूरी नहीं है, उसे हटाना।”
3. घर के centre को भी जरूर देखिए
अब घर के बीच में जाइए।
क्या वहां बहुत ज्यादा सामान है?
क्या heavy furniture है?
क्या boxes रखे हैं?
क्या कोई unused चीज बीच में पड़ी रहती है?
क्या movement में परेशानी होती है?
Traditional Vastu में घर के central area को Brahmasthan कहा जाता है।
इसे generally relatively open और unobstructed रखना preferred माना जाता है।
इसका मतलब यह नहीं कि centre में कुछ भी नहीं होना चाहिए।
घर आखिर घर है।
Furniture रहेगा।
लोग रहेंगे।
Daily activities होंगी।
लेकिन centre को unnecessarily heavy storage area बनाना avoid करना बेहतर है।
एक simple rule याद रखें:
हर खाली जगह को सामान से भरना जरूरी नहीं है।
कभी-कभी घर में खुली जगह भी जरूरी होती है।
4. Main Entrance को हल्के में मत लीजिए
अब अपने घर के main entrance को देखिए।
क्या entrance साफ है?
क्या वहां पुराने boxes हैं?
जूते बिखरे रहते हैं?
टूटी चीजें पड़ी हैं?
पुराना furniture रखा है?
या entrance इतना cluttered है कि आते ही घर भारी-भारी महसूस होता है?
Main entrance घर का important Vastu area माना जाता है।
और practical life में भी यह बहुत महत्वपूर्ण है।
क्यों?
क्योंकि घर में आने वाला व्यक्ति सबसे पहले entrance देखता है।
आप खुद भी जब घर लौटते हैं, तो सबसे पहले यही जगह देखते हैं।
इसलिए entrance को:
Clean
Accessible
Organized
और welcoming रखें।
Vastu के साथ-साथ यह घर के overall feel को भी बेहतर बनाता है।
5. घर में टूटी हुई चीजें जमा करके मत रखिए
एक सवाल खुद से पूछिए:
“क्या मेरे घर में ऐसी चीजें हैं जो महीनों से खराब पड़ी हैं?”
टूटी chair।
खराब clock।
पुराना electronic item।
Broken mirror।
Damaged furniture।
खराब appliance।
ऐसी चीजें जो repair होने का इंतजार कर रही हैं—लेकिन महीनों से कोई उन्हें repair करने वाला नहीं है।
हर टूटी चीज का मतलब Vastu problem नहीं है।
लेकिन unnecessary broken items को वर्षों तक जमा करके रखना अच्छी home management भी नहीं है।
इसलिए एक simple exercise करें:
आज घर में ऐसी 5 चीजें खोजिए जिन्हें आप पिछले 6–12 महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे।
फिर तय कीजिए:
Repair करनी है?
Donate करनी है?
Recycle करनी है?
या dispose करनी है?
घर में space बनाना भी एक तरह की organization है।
6. घर का North direction भी check करें
Traditional Vastu में North direction को Kubera से associate किया जाता है, जिन्हें wealth के deity के रूप में traditionally जाना जाता है।
इसी कारण North direction को wealth और financial opportunities के संदर्भ में अक्सर देखा जाता है।
अपने घर का North check कीजिए।
क्या वहां:
unnecessary clutter है?
heavy storage है?
waste material है?
broken furniture है?
movement blocked है?
अगर हां, तो इसे organize करना worthwhile हो सकता है।
लेकिन एक बात हमेशा याद रखें:
North में clutter = financial loss, ऐसा सीधे कहना सही नहीं है।
घर की financial situation पर income, expenses, savings, debt, investments और financial decisions का बड़ा असर होता है।
Vastu एक additional perspective है।
7. Kitchen और पानी की जगह को भी ignore मत करें
घर के पंचतत्वों की बात करते समय अग्नि और जल का संतुलन Vastu discussions में महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसलिए kitchen और water-related areas को भी केवल decoration की नजर से नहीं देखना चाहिए।
अपने घर में देखें:
Kitchen कहाँ है?
Water source कहाँ है?
Sink और cooking area की placement कैसी है?
क्या kitchen बहुत cluttered है?
क्या leakage लंबे समय से ठीक नहीं हुआ?
क्या पानी unnecessarily waste हो रहा है?
यहां एक practical बात भी बहुत जरूरी है:
Leaking tap को केवल Vastu problem मत समझिए।
Leakage को repair करना चाहिए क्योंकि पानी की बर्बादी और घर की maintenance दोनों महत्वपूर्ण हैं।
Vastu और practical home management साथ-साथ चलने चाहिए।
8. Bedroom भी घर की “बरकत” से जुड़ा एक महत्वपूर्ण environment है
कई लोग सोचते हैं कि bedroom का Vastu सिर्फ husband-wife relationship के लिए होता है।
लेकिन bedroom का environment पूरे घर की routine और mental comfort को प्रभावित कर सकता है।
अगर bedroom में:
बहुत ज्यादा clutter है
unnecessary furniture है
broken items हैं
पुराने सामान के boxes हैं
बहुत ज्यादा unused वस्तुएं हैं
तो पहले basic organization कीजिए।
विशेषकर bedroom को storage room बनने से बचाइए।
एक आरामदायक bedroom आपको बेहतर rest और personal space दे सकता है।
और जब घर के लोग mentally relaxed होते हैं, तो financial decisions भी ज्यादा thoughtfully लिए जा सकते हैं।
9. घर में हर जगह पुराने सामान का ढेर है?
यह सबसे common problem है।
“ये अभी मत फेंको।”
“कभी काम आ जाएगा।”
“बच्चे बड़े होंगे तो काम आएगा।”
“अभी जगह है, रख दो।”
और धीरे-धीरे घर की हर cupboard भर जाती है।
फिर storage के लिए नया furniture आता है।
फिर नया room storage बन जाता है।
फिर घर छोटा लगने लगता है।
और सबसे interesting बात—
सामान बढ़ता जाता है, लेकिन घर में space कम होता जाता है।
अगर आपको लगता है कि घर में बरकत नहीं है, तो कभी-कभी एक अलग सवाल पूछिए:
“क्या मेरे घर में जरूरी चीजों के लिए जगह है?”
यह सवाल बहुत कुछ बदल सकता है।
10. घर में पैसा आता है लेकिन बचता नहीं? Numbers भी देखिए
यह point बहुत important है।
अगर आपकी income ₹1 lakh है और expenses ₹95,000 हैं, तो सिर्फ Vastu देखकर financial stability नहीं आएगी।
आपको financial planning भी करनी होगी।
हर महीने check करें:
Income कितनी है?
Fixed expenses कितने हैं?
Variable expenses कितने हैं?
EMI कितनी है?
Savings कितनी है?
Investment कितनी है?
Unplanned expenses कितने हैं?
कई बार हमें लगता है:
“पैसा टिक नहीं रहा।”
लेकिन जब numbers देखते हैं तो पता चलता है:
“पैसा टिक नहीं रहा नहीं—हमने उसे पहले से कहीं allocate कर रखा है।”
यह फर्क समझना बहुत जरूरी है।
Sonia की कहानी शायद आपके घर जैसी है
मान लीजिए Sonia एक family manage करती है।
Income ठीक है।
घर में किसी चीज की बहुत कमी भी नहीं है।
लेकिन हर महीने कोई न कोई unexpected expense सामने आ जाता है।
बचत नहीं बन पा रही।
घर में सामान बढ़ता जा रहा है।
North-East में पुराने boxes रखे हैं।
Centre में extra furniture है।
Entrance के पास भी storage है।
और Sonia सोचती है:
“शायद मेरे घर में कोई Vastu problem है।”
ऐसी situation में मैं उसे सिर्फ एक remedy नहीं दूंगा।
पहले पूछूंगा:
आपकी financial planning कैसी है?
फिर देखूंगा:
घर का layout कैसा है?
North-East में क्या है?
North कैसा है?
Centre कैसा है?
Main entrance कैसा है?
Water और fire zones कैसे हैं?
Bedroom कैसा है?
Storage कहाँ है?
क्योंकि समस्या समझे बिना remedy देना सही approach नहीं है।
10 वर्षों के Vastu consultation से मेरी सबसे बड़ी सीख
मेरे 10 वर्षों के Vastu consultation experience में मैंने एक बात बहुत clearly देखी है:
हर घर की कहानी अलग होती है।
एक घर में North-East का clutter relevant हो सकता है।
दूसरे घर में असली issue कहीं और हो सकता है।
एक घर में construction limitation हो सकती है।
दूसरे घर में केवल organization की जरूरत हो सकती है।
इसलिए मैं कभी यह नहीं कहूंगा:
“बस ये एक चीज कर दीजिए और घर में बरकत शुरू हो जाएगी।”
Vastu को समझने के लिए property को पूरा देखना चाहिए।
Direction.
Layout.
Entrance.
Rooms.
Centre.
Usage.
Existing construction.
और परिवार की practical requirements।
यही professional Vastu assessment का difference है।
घर में बरकत के लिए आज ही 15 मिनट का Vastu Check करें
आज सिर्फ 15 मिनट निकालिए।
Step 1 — North-East देखें
क्या वह साफ और relatively open है?
Step 2 — North देखें
क्या unnecessary clutter है?
Step 3 — Centre देखें
क्या heavy storage ने space block कर रखा है?
Step 4 — Main Entrance देखें
क्या entrance clean और accessible है?
Step 5 — Broken Items देखें
घर में कितनी चीजें ऐसी हैं जो लंबे समय से खराब पड़ी हैं?
Step 6 — Water Leakage देखें
क्या कोई tap या pipe leak कर रहा है?
Step 7 — Kitchen देखें
क्या kitchen organized है?
Step 8 — Bedroom देखें
क्या bedroom storage room बन गया है?
Step 9 — Tijori/Locker देखें
क्या valuables और important documents organized और secure हैं?
Step 10 — Financial Numbers देखें
Income, expenses और savings को एक बार फिर check करें।
अब आपके पास केवल Vastu का नहीं, बल्कि पूरे घर और financial life का एक बेहतर picture होगा।
क्या सिर्फ Vastu से घर में बरकत आ सकती है?
इस सवाल का जवाब ईमानदारी से देना जरूरी है:
Vastu financial success की guarantee नहीं देता।
घर की financial stability कई चीजों पर depend करती है:
Income
Business
Job
Expenses
Savings
Investments
Debt
Financial planning
Family decisions
लेकिन Vastu आपके घर के physical environment को समझने का एक traditional framework दे सकता है।
इसलिए सही सोच यह नहीं है:
“Vastu ठीक कर दिया तो पैसा अपने आप आएगा।”
सही सोच है:
“मैं अपने financial decisions भी बेहतर करूं और अपने घर के environment को भी व्यवस्थित रखूं।”
दोनों साथ चल सकते हैं।
घर में बरकत का मतलब सिर्फ पैसा नहीं है
यह बात शायद सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
जब हम कहते हैं:
“घर में बरकत हो,”
तो क्या हमारा मतलब सिर्फ bank balance होता है?
नहीं।
बरकत में शामिल हो सकता है:
घर में शांति।
परिवार में प्रेम।
स्वास्थ्य का ध्यान।
कमाई का सही उपयोग।
बचत।
सही समय पर सही निर्णय।
घर में संतोष।
और भविष्य को लेकर सुरक्षा की भावना।
इसलिए Vastu को सिर्फ “पैसा बढ़ाने की technique” के रूप में देखना बहुत छोटा दृष्टिकोण होगा।
एक अच्छा घर वह है जहां:
जगह व्यवस्थित हो।
लोग आराम से रहें।
महत्वपूर्ण चीजों की जगह तय हो।
अनावश्यक clutter कम हो।
और परिवार अपने financial decisions सोच-समझकर ले।
सबसे बड़ी गलती: हर problem को Vastu problem समझना
अगर business में loss है—
तो केवल Vastu को दोष मत दीजिए।
अगर घर में खर्च ज्यादा है—
तो केवल Vastu को दोष मत दीजिए।
अगर savings नहीं हो रही—
तो पहले financial planning देखिए।
अगर परिवार में तनाव है—
तो communication और relationships को भी समझिए।
Vastu एक perspective हो सकता है।
पूरी जिंदगी का answer नहीं।
मैं यही balanced approach अपनी consultation में रखना पसंद करता हूं।
तो अगर घर में बरकत नहीं हो रही है, सबसे पहले क्या करें?
बहुत simple.
घर को देखिए।
North-East देखिए।
North देखिए।
Centre देखिए।
Main entrance देखिए।
Kitchen देखिए।
Bedroom देखिए।
Tijori/locker देखिए।
Unnecessary clutter देखिए।
और साथ ही अपने financial numbers देखिए।
फिर एक-एक करके सुधार कीजिए।
एक ही दिन में पूरा घर बदलने की जरूरत नहीं है।
आज एक corner साफ कीजिए।
कल दूसरा।
फिर storage organize कीजिए।
फिर financial expenses review कीजिए।
और अगर आपको लगता है कि आपके घर में Vastu का कोई deeper issue हो सकता है, तो complete property assessment करवाइए।
अंतिम बात: बरकत सिर्फ ज्यादा कमाने से नहीं, सही तरीके से संभालने से भी आती है
अगर आपके घर में पैसा आ रहा है लेकिन बचत नहीं हो रही, तो खुद को दोष मत दीजिए।
और तुरंत किसी एक Vastu remedy के पीछे भी मत भागिए।
पहले समझिए:
पैसा कितना आ रहा है?
कहां जा रहा है?
घर में क्या जमा हो रहा है?
कौन-सी जगह unnecessarily blocked है?
क्या North-East clean है?
क्या centre relatively open है?
क्या entrance व्यवस्थित है?
क्या घर का overall environment शांत और organized है?
क्योंकि—
**बरकत सिर्फ पैसा आने का नाम नहीं है।
बरकत है—जो आया, उसका सही उपयोग हो, सही जगह बचे और घर में सुख-शांति भी बनी रहे।**
अगर आप अपने घर का complete Vastu समझना चाहते हैं, तो केवल एक direction देखकर निर्णय लेने के बजाय पूरे property layout का assessment ज्यादा उपयोगी होता है।
Pandit Jaiveer Gautam
Vastu Vigyan & Kundli Solutions
10 Years of Vastu Consultation Experience
Home Vastu assessment में property directions, North-East, North, centre, entrance, rooms, storage, Tijori/locker placement और अन्य relevant Vastu factors को देखा जा सकता है।
[Book Your Home Vastu Consultation]
Frequently Asked Questions
घर में बरकत नहीं हो रही हो तो Vastu में क्या देखें?
सबसे पहले North-East, North, central area, main entrance, storage, Tijori/locker placement और overall property layout को review किया जा सकता है। साथ ही income, expenses और savings की financial planning भी देखना जरूरी है।
क्या North-East में clutter होने से घर में बरकत रुक जाती है?
ऐसा सीधे कहना उचित नहीं है। Traditional Vastu में North-East को relatively light, clean और open रखना preferred माना जाता है। इसलिए unnecessary clutter और heavy storage को review करना एक सामान्य Vastu consideration है।
घर के centre को खाली रखना जरूरी है?
पूरी तरह खाली रखना जरूरी नहीं है। Traditional Vastu में central area को relatively open और unobstructed रखना preferred होता है। घर के practical use के अनुसार furniture रह सकता है, लेकिन unnecessary heavy blockage से बचना बेहतर है।
क्या North direction का संबंध धन से है?
Traditional Vastu Shastra में North को Kubera से associate किया जाता है, इसलिए wealth और financial opportunities के संदर्भ में North को commonly consider किया जाता है।
क्या घर में टूटी चीजें रखना Vastu दोष है?
हर broken item को Vastu दोष कहना सही नहीं होगा। लेकिन लंबे समय से unused और broken objects जमा करके रखना घर की organization और space utilization के लिए अच्छा नहीं है। जरूरत के अनुसार repair, donate, recycle या dispose करना बेहतर है।
क्या Tijori की placement से financial stability बढ़ सकती है?
Tijori placement traditional Vastu assessment का एक हिस्सा हो सकती है, लेकिन इसे financial success की guarantee नहीं माना जाना चाहिए। Income, expenses, savings, investments और financial planning का भी महत्वपूर्ण role है।
क्या सिर्फ Vastu remedy करने से घर में पैसा आना शुरू हो जाएगा?
इसकी guarantee नहीं दी जा सकती। Vastu को घर के physical environment के एक traditional framework के रूप में देखना बेहतर है, जबकि financial stability के लिए practical financial decisions भी जरूरी हैं।
घर में बहुत ज्यादा सामान होने से क्या करना चाहिए?
सबसे पहले सामान को तीन categories में divide करें: जरूरी, future में जरूरी हो सकता है, और unnecessary। Important चीजों को organize करें और unnecessary सामान को उचित तरीके से remove करें।
क्या घर का entrance financial prosperity से जुड़ा है?
Traditional Vastu में main entrance को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे clean, accessible और organized रखना Vastu और practical home management दोनों दृष्टि से beneficial approach है।
Pandit Jaiveer Gautam
Pandit Jaiveer Gautam Vastu consultant और Vastu Vigyan & Kundli Solutions के founder हैं, जिनके पास 10 वर्षों का Vastu consultation experience है।
उनका approach किसी एक generic Vastu formula को हर घर पर लागू करने के बजाय actual property layout, directions, existing construction और practical requirements को समझने पर आधारित है।
Home Vastu consultation में North-East, North, central area, entrance, rooms, storage, Tijori/locker placement और अन्य relevant Vastu factors को property के overall layout के साथ assess किया जा सकता है।
घर में बरकत नहीं हो रही है Vastu
घर में बरकत नहीं है वास्तु
घर में पैसा नहीं टिकता वास्तु
घर में पैसा बचाने के वास्तु उपाय
घर की आर्थिक स्थिति के लिए वास्तु
Vastu for financial stability at home
Home Vastu for prosperity
घर का North-East Vastu
North direction Vastu for money
घर के centre का Vastu
घर में clutter Vastu
Tijori Vastu for home
Money Vastu
Home Vastu consultant
घर में सुख समृद्धि के लिए वास्तु
